The Ultimate Guide To Subconscious Mind Power




जब मालिक ने खरबूजा खाया तो कड़वाहट से कष्ठ में चिरमिराहट लगने लगी और जीभ में छाले पड़ गये। घंटे-भर तक मुंह का स्वाद बिगड़ा रहा। तब उसने आश्चर्य के साथ हजरत मुकमान से पूछा, "ऐ दोसत, तूने इस जहर को किस तरह खाया और इस विष को अमृत क्यों समझ लिया?

एक व्यक्तिगत अनुरोध विकिपीडिया के संस्थापक जिमी वेल्स से। देवनागरी में लिखने के लिए सहायता

बादशाह की यह बात सुनकर सबने एक स्वर में कहा, "भाई तू ही हमारा नेता है। हम सब तेरी ही अधीनता में काम करेंगे, ताकि अगर कहीं पकड़े जायें तो बख्शे जा सकें। हमारा बड़ा सौभाग्य है कि तुझ-जैसा शक्तिशाली साथी हमें मिला।"

[इसी तरह संसार के मनुष्यों को तृष्णा को रोग हो गया है कि वे दुनिया की प्रत्येक वस्तु को, भले ही वह कितनी ही गन्दी हो, पर प्रत्यक्ष रुप में सुन्दर हो, अपने पेट में उतारने की इच्छा रखते हैं। लेकिन दूसरी तरफ यह हाल है कि बिन मृत्यु के मार्ग पर चले इन्हें चारा नहीं और वह अजीब रास्ता है, जो इन्हें दिखाई नहीं देती। प्राणियों के दल-के-दल इसी सूराब से निकल जाते हैं और वह सूराख नजर नहीं आता। जीवों का यह समूह इसी द्वार के छिद्र में घुस जाता है और छिद्र तो क्या, दरवाजा तक भी दिखाई नहीं देता और इस कथा में बहरे का उदाहरण यह है कि अन्य प्राणियों की मृत्यु का समाचार तो वह सुनता है, परन्तु अपनी मौत से बेखबर है।

अमूल्य शेक्सपियर प्रकृति का मुफ्त उपहार था; पूरी तरह से चुपचाप दिया गया - कुल मिलाकर चुपचाप प्राप्त है, जैसे कि यह छोटी खाते में एक चीज़.

[मन उस दुराचारिणी स्त्री के समान है, जिससे सारा वातावरण दूषित हो रहा है। अत: उसको मारना चाहिए, अर्थात् वश में करना चाहिए, क्योंकि इस दुष्ट के कारण हर घड़ी किसी न किसीसे लड़ाई होने का अंदेशा है। मन की वासनाओं के कारण यह सुखमय संसार दु:खदायी बना हुआ है। यदि मन और इन्द्रियों को वश में कर लिया जाये तो दु:ख और सुख पास न आयें और सारा संसार मित्र बनकर रहे।] १

बातें तू किससे कर रहा है? वह ज्योतिस्वरुप (परमेश्वर) तो शरीर और आवश्यकताओं से रहित है। दूध तो वह पिये, जिसका शरीर और आयु घटे-बढ़े और मोजे वह पहने, जो पैरों के अधीन हो।"

My ft are absolutely calm, my legs are relaxed. At this moment, my abdomen muscles are stress-free. My heart is beating quietly, my respiratory is calm and relaxed. My head is completely relaxed, my entire body is completely relaxed and serene

चीनियों ने रुमियों से कहा, "अच्छा, एक कमरा हम ले लें और एक तुम ले लो।" दो कमरे आमने-सामने थे। इनमें एक चीनियों को मिला और दूसरा रुमियों कों चीनियों ने सैकड़ों तरह के रंग मांगें बादशाह ने खजाने का दरवाज खोल दिया। चीनियों को मुंह मांगे रंग मिलने लगे। रुमियों ने कहा, "हम न तो कोई चित्र बनाएंगे और न रंग लगायेगे, website बल्कि अपना हुनर इस तरह दिखायेंगे कि पिछला रंग भी बाकी न रहें।"

यह तरीका तुझको किसने सिखाया है? बता, सिक शेख और किस पीर ने आज्ञा दी?" यह कहकर सूफी को मारते-मारते अधमर कर दिया।

हुदहुद ने जवाब दिया, "ऐ राजन्, मुझे निर्दोश गरीब के विरुद्ध शत्रु की शिकायतों पर ध्यान न दीजिए। अगर मेरा दावा गलत हो तो मेरा यह सिर हाजिर है। अभी गर्दन उड़ा दीजिए। रही बात मृत्यु और परमात्मा की आज्ञा से गिरफ्तारी की, सो इसका इलाज मेरे क्या, किसी के भी पास नहीं है। यदि ईश्वर की इच्छा मेरी बुद्धि के प्रकाश को न बुझाये तो मैं उड़ते-उड़ते ही फन्दे और जाल को भी देख लूं। परन्तु जब ईश्वर की मर्जी ऐसी ही हो जाती है तो अकल पर पर्दा पड़ जाता हैं। चन्द्रमा here काला पड़ जाता है और सूजर ग्रहण में आ जाता है। मेरी बुद्धि और दृष्टि में यह ताकत नहीं है कि परमात्मा की मर्जी का मुकाबला कर सके।"

ऊंट को दया आयी और कहा, "अच्छा, मेरे कोहान पर चढ़कर बैठ जा। इस तरह आर-पार होना मेरा काम है। तुझ जैसे हजारों को नदी पार करा चुका हूं।"

जब इसने बादशाह के मुंह से ये शब्द सुने तो इसका क्रोध भड़क उठा, चेहरा तम-तमाने लगा और अपने साथी के संबंध में जो कुछ मुंह में आया, बकने लगा। बुराइयां कतरा ही चला गया तो बादशाह ने इसके होंठों पर हाथ रख दिया कि बस, हद हो गयी। तेरी आत्मा गन्दी है और उसका मुंह गन्दा है। ऐ गन्दी आत्मावाले!

उसने पूछा, "क्या तुम वह बादशाह नहीं कि जिनमें ऐसी शक्ति है कि यदि मुर्दे पर मन्त्र फंक दे तो वह मुर्दा भी जिंदा पकड़ें गए शेर की तरह उठा खड़ा होता है।"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *